UP Outsource Employee Salary Decision: उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मचारी के लिए अच्छी खबर आ चुकी है। उत्तर प्रदेश के सैकड़ो ऐसे विभाग है जहां पर आउटसोर्स के माध्यम से सरकारी सेवा आउटसोर्स कर्मचारी दे रहे हैं जो कि उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा उनके लिए महत्वपूर्ण फैसला ले लिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का जो रजिस्ट्रेशन कंपनीज एक्ट है। इसमें कर दिया गया है और आउटसोर्स सेवा निगम के जो प्रबंध निदेशक है इनकी नियुक्ति पहले इनको दिया जा चुका है।
जितने भी आउटसोर्स कर्मचारी हैं उनकी नई तैनाती और बढ़े हुए मानदेय का जो भुगतान है उसके किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। निगम पुराने आउटसोर्स कर्मचारी के भुगतान की प्रक्रिया को काफी नए तरीके से लागू करने में जताने वाला है काफी लंबे समय से वह इंतजार कर रहे हैं इन आउटसोर्स कर्मचारी का जो इंतजार है अब बहुत जल्द समाप्त होने की उम्मीद है।
यूपी आउटसोर्स निगम रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी
सचिवालय प्रशासन विभाग के जो प्रमुख सचिव मनीष चौहान इनके माध्यम से दी गई जानकारी के आधार पर निगम का जो रजिस्ट्रेशन कंपनी एक्ट है। इसमें कर दिया गया है और प्रबंध निदेशक के तौर पर जो अमृत सोनी इनको पहले ही नियुक्ति प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ-साथ उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम हेतु पिकप भवन में कार्यालय को तैयार किया जा रहा है। अब जितने भी आउटसोर्स हैं इससे संबंधित सभी महत्वपूर्ण गतिविधियों को आगे बढ़ाए जाने हेतु किया जो कार्य है पिकप भवन कार्यालय से शुरू होने वाला है। आउटसोर्स सेवा निगम गैर सरकारी संस्था के रूप में संचालित किया जाएगा। जो कि प्रदेश के जितने भी संविदा आउटसोर्स इकाइयां है इस पर नजर रखेगा।
आउटसोर्स सेवा निगम के लिए मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के प्रस्ताव को 2 सितंबर को आयोजित कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंजूरी दे दिया गया था। प्रस्ताव को स्वीकार किया जा चुका है। इसके साथ ही इसके बाद 20 सितंबर को उत्तर प्रदेश से आउटसोर्स सेवा निगम का जो गठन है। इसके साथ-साथ देश जारी किया गया था 20 सितंबर के बाद से ही युवा बढ़ा हुआ जो मानदेय है और नई भर्तियां शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं विभिन्न प्रकार के विभागों में 8 वर्षों से कार्यरत लगभग चार लाख कर्मचारी पिछले कई महीनो से बड़े हुए मानदेय मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
आउटसोर्स कर्मचारी को बढ़ा हुआ मानदेय कब से जाने
काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे जो युवा है। उनका इंतजार बहुत जल्द समाप्त होने वाला है। निगम के जो रजिस्ट्रेशन और कार्यालय स्थापित किए जाने की प्रक्रिया यह शुरू हो गया है।अब जल्द ही आउटसोर्स कर्मचारियों का बढ़ा हुआ मानदेय का लाभ मिलने वाला है। बता दिया जाता है उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में न्यूनतम जो मानदेय हो ₹20000 से अधिकतम मानदेय ₹40000 तक निर्धारित किया जाने वाला है चार श्रेणियों के अंतर्गत यह जो मानदेय है निर्धारित कर दिया गया पहली श्रेणी के अंतर्गत जो आने वाले चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी हैं इनको न्यूनतम मानदेय ₹20000 दिया जाता है जबकि द्वितीय श्रेणी हेतु 22500 दिया जाता है और तृतीय श्रेणी के लिए ₹25000 मानदेय निर्धारित किया जाता है। वहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हेतु ₹40000 प्रति महीने मानदेय दिए जाने का प्रस्ताव तय किया गया है।
आउटसोर्स कर्मचारी को कई अन्य प्रकार की सुविधाये
उत्तर प्रदेश के जो आउटसोर्स कर्मचारी हैं उनके लिए जहां एक और मानदेय बढ़ोतरी होने वाली है तो वहीं दूसरी और कई अनुसुविधाएं भी दिए जाने का प्रस्ताव है। आउटसोर्स कर्मचारी को जहां वर्ष में कैजुअल लीव मिलने वाला है। तो वहीं महिलाओं हेतु मेडिकल लीव का व्यवस्था किया गया है। वहीं इनकम 3 वर्ष के लिए आउटसोर्स के माध्यम से रखा जाने वाला है इन कर्मचारियों को बिना किसी प्रमोशन के नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त बात कर लिया जाए तो इन कर्मचारियों को पेंशन का लाभ दिए जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया हेतु नियम बदल भी सकते हैं अभी जितने भी योग्य उम्मीदवार है उनको पहला मौका दिया जाएगा।साथ ही स्थानीय जो युवा है प्राथमिकता दिए जाने का इनको प्रस्ताव दिया गया है।

