UP All Employees Big Update: यूपी के इन सभी कर्मचारियों की सैलरी रुकने जा रही, 31 जनवरी तक का है समय, सीएम का फैसला

UP All Employees Big Update: कर्मचारी की सैलरी इस वजह से रूक सकती है। अगर कर्मचारी 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से यह कार्य नहीं देते हैं जैसे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह महत्वपूर्ण फैसला राज्य कर्मियों की तरह ही निकाय कर्मियों को भी संपत्तियों का जो ब्यौरा है 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से देना आवश्यक है। स्थानीय निकाय निदेशक के द्वारा इस संबंध में अधिकारियों को दिशा निर्देश भेज दिया गया और यह कह दिया गया है कि कार्मिक विभाग के माध्यम से जारी आदेश के आधार पर निकायों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण जरूर देना है।

उत्तर प्रदेश के अलग-अलग विभागों में कार्यरत जो अधिकारी कर्मचारी उनकी प्रॉपर्टी की घोषणा के मामले में योगी सरकार के द्वारा सख्त रवैया अख्तियार किया गया है। 31 जनवरी तक मौका उनके पास है यदि तब तक भी उन्हें अपनी प्रॉपर्टी का ब्यौरा नहीं दिया गया तो जनवरी महीने की उनकी सैलरी यहां पर रूक सकता है बताया जा रहा है कि करीब 42% पुलिस कर्मियों ने अभी तक अपनी प्रॉपर्टी का ब्यौरा बिल्कुल नहीं दिया यह नियम बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े शिक्षक भी इसमें सम्मिलित हैं इन्हें भी 31 जनवरी तक अपनी चल अचल संपत्तियों का जो ब्यौरा है मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है।

वहीं पिछले दिनों की बात कर लिया जाए तो मुख्य सचिव एसपी गोयल के द्वारा इस पर इसको लेकर सत्य निर्देश जारी की करते हुए पूरी तरीके से हिसाब किया गया था कि जिन अधिकारियों कर्मचारियों का प्रॉपर्टी का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी है उन्हें ही फरवरी में जनवरी महीने का वेतन दिया जाएगा।

स्थानीय निकाय निदेशालय के माध्यम से जारी निर्देश के दौरान यह कहा गया है कि प्रदेश में कुल 762 वर्तमान में निकाय हैं राज्य कर्मियों की तरह ही निकाय कर्मियों को भी हर वर्ष संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन देना आवश्यक है। लेकिन इसमें आनाकानी किया जाता है इसीलिए शासन स्तर पर यह तय किया गया है कि इस बार निकाय कर्मियों को भी राज्य कर्मियों की तरह ही अनिवार्य रूप से संपत्तियों का जानकारी ऑनलाइन देना पड़ेगा।

स्थानीय निकाय निदेशक के माध्यम से जारी निर्देश के दौरान यह कहा गया है कि सभी निकाय कर्मी 31 जनवरी तक वर्ष 2025-26 में जितने भी अर्जित संपत्ति है इसकी जानकारी ऑनलाइन कर देना जरूरी है। संपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन ना देने पर उनकी पदोन्नति रोक दिया जाएगा। विभागध्यक्ष को यह निर्देश दिया गया है कि वह इस पर अनिवार्य रूप से संपत्तियों का विवरण ऑनलाइन अवश्य करें संपत्तियों का विवरण न दिए जाने वाले को पदोन्नति रोकने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 के तहत नियम अनुसार अनुशासात्मक करवाई किया जाएगा।

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